Breaking News :

Alia Bhatt Has a ‘Hey Handsome’ Moment as Ranbir Kapoor’s Love & War Look Drops

Seema Kumari Ends India’s 16-Year Wait for Asian Games 10,000m Medal

जमुई-समस्तीपुर की घटनाओं पर चिराग सख्त, बोले- लापरवाही से मिल रहा असामाजिक सोच को बल

2024 में हराया, 2027 में परमानेंट सफाया करेंगे’: अखिलेश यादव

कैरिकॉम, फिपिक बैठकों में भारत का कैरेबियाई-प्रशांत देशों संग सहयोग पर जोर

हापुड़ में पुलिस से उलझे सपा सांसद, बोले- “क्या करोगे तुम, लिमिट में रहो”

CCTV से खुली पहचान, महिला से छेड़छाड़ के आरोप में भूरा उर्फ कामिल गिरफ्तार

Nine Killed as Delhi-Mahoba Bus Catches Fire Near Jewar

अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Thursday, 24 September 2026

Problem of veins in legs can take a big form, know about chronic venous disease

पैरों में नसों की दिक्कत ले सकती है बड़ा रूप, जानिए क्रोनिक वेनस डिजीज के बारे में

कानपुर (ब्यूरो) पैरों में लगातार सूजन, दर्द, भारीपन और नसों के उभरने जैसी समस्या को अक्सर लोग सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हाल ही में कुछ समय पहले कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में हुई एक क्रॉस-सेक्शनल स्टडी में 140 मरीजों को शामिल किया गया था, जिनमें 70 मरीज क्रोनिक वेनस डिजीज से पीड़ित थे। इस बीमारी में पैरों की नसों के वाल्व ठीक से काम नहीं कर पाते, जिससे खून पैरों में जमा होने लगता है। इसके कारण सूजन, दर्द, भारीपन, थकान, खुजली, त्वचा का रंग बदलना और नसों के उभरने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी को देखते हुए अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर ने क्रोनिक वेनस डिजीज यानी पैरों की नसों से जुड़ी बीमारी को लेकर लोगों के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है।

डॉ. अचिंत्य शर्मा, कंसल्टेंट वैस्कुलर सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के अनुसार क्रोनिक वेनस डिजीज में पैरों में बार-बार सूजन आना, खासकर शाम के समय सूजन या भारीपन बढ़ना, पैरों में दर्द, थकान, रात में ऐंठन और नसों का उभरना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। लंबे समय तक खड़े रहने या लगातार बैठे रहने वाले लोगों, अधिक वजन वाले व्यक्तियों और गर्भावस्था के दौरान इस समस्या का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पैरों में लगातार रहने वाली सूजन, दर्द या नसों में बदलाव को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इसलिए लंबे समय तक एक ही जगह बैठने या खड़े रहने से बचें और बीच-बीच में पैरों को चलाते रहें। नियमित पैदल चलना, वजन नियंत्रित रखना और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधि बढ़ाना भी मददगार हो सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार कंप्रेशन स्टॉकिंग्स का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यदि पैरों में लगातार सूजन, दर्द, भारीपन या नसों के उभरने की शिकायत हो तो समय पर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। डॉप्लर अल्ट्रासाउंड के जरिए नसों में रक्त के प्रवाह और वाल्व की स्थिति की जांच की जा सकती है। शुरुआती स्तर पर जीवनशैली में बदलाव और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार उपचार से लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, जबकि गंभीर मामलों में आधुनिक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बीमारी की पहचान होने से उचित उपचार शुरू करना आसान होता है। पैरों में लंबे समय से सूजन, दर्द, भारीपन, त्वचा के रंग में बदलाव या नसों के ज्यादा उभरने जैसी समस्या हो तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

--

Read Previous

Samsung goes big in India factory ever created

Read Next

Samsung goes big in India factory ever created

Add Comment

Sign up for the Newsletter

Join our newsletter and get updates in your inbox. We won’t spam you and we respect your privacy.