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1 फरवरी माघ मास की पूर्णिमा तिथि : माघ पूर्णिमा पर रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, 1 फरवरी को माघ मास की पूर्णिमा तिथि पड़ रही है, जिसे माघ पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। यह दिन रविवार को है और इस पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि पुष्य योग का विशेष संयोग बन रहा है। ऐसे में शुभ कार्य, पूजा-पाठ, दान और स्नान के लिए यह तिथि बेहद फलदायी मानी जा...

बसंत पंचमी: ज्ञान, संस्कृति और बसंत ऋतु के स्वागत का पावन पर्व

वाराणसी | 23 जनवरी 2026आज देशभर में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व न केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत देता है, बल्कि भारतीय सभ्यता में ज्ञान, कला, संगीत और नवचेतना का प्रतीक भी माना जाता है। शीत ऋतु के अंत और बसंत के आगमन के साथ प्रकृति नवजीवन से भर उठती है—खेतों...

बसंत पंचमी 2026: सिर्फ बसंत पंचमी ही नहीं, हिंदू पंचांग की ये 5 तिथियां भी हैं ‘अबूझ मुहूर्त’

नई दिल्ली | 20 जनवरी 2026हिंदू धर्म में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से पहले मुहूर्त देखना परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है| लेकिन पंचांग में कुछ विशेष तिथियां ऐसी भी होती हैं, जिन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है| इन दिनों विवाह, गृह प्रवेश, निर्माण कार्य या किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत...

खाटू मेला 2026: दर्शन से पहले जान लें नए नियम, बदले एग्जिट, लाइन और पार्किंग की व्यवस्था

सीकर |19  जनवरी 2026विश्वविख्यात खाटूश्यामजी का फाल्गुनी मेला अगले महीने आयोजित होने जा रहा है। इस बार श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मेले की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव किए हैं। अनुमान है कि करीब 50 लाख से अधिक भक्त खाटू धाम पहुंचेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन...

तिल द्वादशी : नारायण की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन, तिल दान से अश्वमेध यज्ञ का फल

षटतिला एकादशी के अगले दिन मनाई जाने वाली तिल द्वादशी बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन तिल से स्नान, तिल का दान, तिल से हवन और तिल युक्त भोजन करने से बहुत लाभ मिलता है। हिंदू पंचांग के अनुसार द्वादशी तिथि है, जो रात 8:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी शुरू हो जाएगी। दृक पंचांग के अनुसार, नक्षत्र ज्येष्ठा है, जो अगले दिन...

Makar Sankranti Marks the Sun’s Northward Journey, Celebrated Across India with Faith and Festivity

New Delhi, January 14, 2026Makar Sankranti, one of India’s most significant harvest festivals, is being celebrated across the country today with devotion, colour and cultural pride. Observed every year on January 14, the festival marks the transition of the Sun into the zodiac sign of Capricorn (Makara), symbolising the end of the winter solstice and the beginning of longer, warmer days. Unlike many Hindu festivals that follow the lunar calendar, Makar Sankranti is fixed by the solar cycle, making it one of the most astronomically significant occasions in Indian tradition.The festival holds deep spiritual importance, as the Sun’s northward movement—known as Uttarayan—is considered highly auspicious. It is believed that acts of charity, holy baths...

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