Delhi-NCR Grinds to a Halt as Heavy Rain Sparks Widespread Disruptions
असम में बाढ़ का कहर जारी, 15 जिलों में लाखों लोग प्रभावित
नई दिल्ली, 07 अगस्त 2026
असम में शुक्रवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। गोलाघाट जिले में धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में चिंता का माहौल है। हालात को देखते हुए असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने लोगों के लिए सार्वजनिक सलाह जारी की है। प्राधिकरण ने नदी के किनारे और आसपास रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने तथा स्थिति सामान्य होने तक नदी से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया है।
राज्य में बाढ़ का असर लगातार व्यापक होता जा रहा है। एएसडीएमए के नवीनतम बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, 15 जिलों के 39 राजस्व सर्किलों के 481 गांव इस आपदा से प्रभावित हैं, जहां कुल 1,68,701 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, 14,382 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि अब भी जलमग्न है, जिससे कई जिलों में खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ा है। सबसे अधिक प्रभावित गोलाघाट जिला है, जहां 54,085 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर में 49,515, जोरहाट में 27,842 और चराइदेव में 21,486 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। शिवसागर, जोरहाट, लखीमपुर और चराइदेव से फसलों को भारी नुकसान की भी सूचना मिली है।
एएसडीएमए ने कहा कि नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालांकि राज्य की किसी भी नदी में अभी बाढ़ का सर्वोच्च स्तर दर्ज नहीं किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार ने 133 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं। इनमें 10,111 विस्थापित लोग राहत शिविरों में ठहरे हुए हैं, जबकि 35,596 अन्य लोगों तक राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता पहुंचाई जा रही है। राहत एजेंसियां प्रभावित परिवारों को चावल, दाल, खाद्य तेल, पशु चारा और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रही हैं।
गोलाघाट और उदलगुरी जिलों में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है, जबकि फिलहाल किसी के लापता होने की सूचना नहीं है। इस आपदा से 41,475 पशु भी प्रभावित हुए हैं और 365 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें 40 पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। प्रशासन राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। संवेदनशील इलाकों में नौकाओं और बचाव दलों की तैनाती की गई है ताकि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
Add Comment