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झांसी में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए दरोगा और सिपाही, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई
लखनऊ, 8 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच झांसी से पुलिस विभाग से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और एक दरोगा व एक सिपाही को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह मामला झांसी शहर कोतवाली क्षेत्र की बड़ागांव गेट चौकी का है। शिकायतकर्ता संजीव राय के अनुसार, करीब दो महीने पहले उनके दो बेटों और तीन दोस्तों के नाम एक मुकदमे में दर्ज किए गए थे, जबकि उनका दावा है कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज की पेनड्राइव भी सौंपी थी, जिसमें संबंधित लोगों के घर पर मौजूद होने का दावा किया गया। इसके बावजूद, आरोप है कि चौकी प्रभारी दरोगा ओमकार और उनके साथ तैनात सिपाही ने नाम हटाने के बदले पहले करीब 60 हजार रुपये लिए और बाद में एक व्यक्ति का नाम हटाने के लिए 10 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की।
लगातार कथित रिश्वत की मांग से परेशान होकर संजीव राय ने फेसबुक के माध्यम से एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। शिकायत के बाद टीम ने तय योजना के तहत कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के अनुसार, बड़ागांव गेट चौकी पर जैसे ही रिश्वत की रकम दरोगा ओमकार को दी गई और उन्होंने वह रकम सिपाही को सौंपी, एंटी करप्शन टीम ने दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
झांसी पुलिस ने बताया कि इस मामले में थाना सदर बाजार में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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