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प्रयागराज में मासूम के साथ जघन्य अपराध पर सख्त फैसला, अदालत ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा
प्रयागराज | 31 मार्च 2026
प्रयागराज में एक 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने अपने फैसले में कहा कि इस प्रकार के अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इस घटना के अनुसार, बच्ची दुर्गा पूजा से घर लौट रही थी, तभी आरोपी ने उसका अपहरण कर लिया। अगले दिन उसका शव गांव के पास खेत में मिला, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। जांच और पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान आरोपी की पहचान होने के बाद उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपराध को छिपाने के लिए पीड़िता के साथ बर्बरता की थी। इस परिदृश्य में पुलिस ने समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल की और अदालत ने तेजी से सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने निर्णय में यह भी कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई समाज में न्याय और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है। यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि कानून व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय दिलाना और समाज में अपराध के प्रति सख्त संदेश देना है।
प्रयागराज में मासूम के साथ जघन्य अपराध पर सख्त फैसला, अदालत ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा
प्रयागराज में एक 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने अपने फैसले में कहा कि इस प्रकार के अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है। अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इस घटना के अनुसार, बच्ची दुर्गा पूजा से घर लौट रही थी, तभी आरोपी ने उसका अपहरण कर लिया। अगले दिन उसका शव गांव के पास खेत में मिला, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे। जांच और पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान आरोपी की पहचान होने के बाद उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपराध को छिपाने के लिए पीड़िता के साथ बर्बरता की थी। इस परिदृश्य में पुलिस ने समयबद्ध तरीके से चार्जशीट दाखिल की और अदालत ने तेजी से सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने निर्णय में यह भी कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई समाज में न्याय और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है। यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि कानून व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय दिलाना और समाज में अपराध के प्रति सख्त संदेश देना है।
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