कार की छत पर नगीना सांसद का सफर, नियमों पर उठे सवाल
नई दिल्ली, 01 अक्टूबर 2026
नगीना सांसद के कार की छत पर बैठकर यात्रा करने का मामला सामने आने के बाद सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इतना ही नहीं, काफिले में शामिल कुछ अन्य लोग भी कार की खिड़कियों से लटककर सफर करते नजर आए। सड़क पर इस तरह का सफर न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि अचानक ब्रेक लगने या किसी दुर्घटना की स्थिति में जानलेवा साबित हो सकता है।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 123 के तहत वाहन की छत, बोनट या रनिंग बोर्ड पर बैठकर यात्रा करना दंडनीय अपराध है। इस नियम का मकसद ऐसी जोखिम भरी गतिविधियों पर रोक लगाना है, जिनसे वाहन में बैठे लोगों के साथ सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
वहीं, अगर किसी वाहन को ऐसे तरीके या गति से चलाया जाता है जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पैदा होता है, तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत कार्रवाई हो सकती है। पहली बार अपराध साबित होने पर 6 महीने से 1 वर्ष तक की सजा और/या ₹1,000 से ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कानून में दोबारा अपराध करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान और कड़ा है। ऐसी स्थिति में 2 वर्ष तक की सजा, ₹10,000 तक का जुर्माना या दोनों लगाए जा सकते हैं। ऐसे में नगीना सांसद के काफिले से सामने आया यह मामला सिर्फ यातायात नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क पर सुरक्षा को लेकर भी अहम सवाल खड़े करता है।
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