SSC GD परीक्षा में सेंध लगाने वाला ‘Devil’ गिरफ्तार, UP STF ने दिल्ली से दबोचा
नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026
ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीक के जरिए कथित धांधली करने वाले नेटवर्क के खिलाफ यूपी एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की GD Constable ऑनलाइन परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए गड़बड़ी करने के मामले में वांछित हैकर अरुण कुमार यादव उर्फ ‘Devil’ को एसटीएफ ने 22 सितंबर 2026 को दिल्ली के शाहबाद डेयरी थाना बेगमपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। यूपी पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत की गई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के पास से खुली हुई TFT स्क्रीन, लैपटॉप, हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, आठ VGA स्विच, Raspberry Pi डिवाइस, वीडियो कैप्चर HDMI, विभिन्न प्रकार के एडाप्टर और डोंगल, Exitail ब्रॉडबैंड डिवाइस समेत अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2019 में ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली से जुड़े लोगों के संपर्क में आया था और इसके बाद धीरे-धीरे सर्वर हैकिंग तथा मॉडिफाइड TFT तैयार करने का काम सीख गया।
पूछताछ में सामने आया कि SSC GD Constable ऑनलाइन परीक्षा में कथित धांधली के लिए वह हैकर अमित राणा के संपर्क में आया था। पुलिस के अनुसार, दोनों ने परीक्षा सर्वर की महत्वपूर्ण फाइलों में जरूरी बदलाव करने के साथ ऐसी स्क्रिप्ट तैयार की, जिससे प्रॉक्सी सर्वर के माध्यम से क्लाइंट को जोड़ा जा सके। इसी तकनीक के जरिए अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को बाहर से नियंत्रित कर परीक्षा में नकल कराने की बात सामने आई है। वर्ष 2024 में सीतापुर में नर्सिंग स्टाफ की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक गिरोह को पकड़ा था, जिसमें ‘Devil’ वांछित था, हालांकि उस समय उसकी वास्तविक पहचान सामने नहीं आ सकी थी।
यूपी पुलिस के अनुसार, SSC GD Constable ऑनलाइन परीक्षा के दौरान आरोपी द्वारा चार राज्यों के पांच अन्य परीक्षा केंद्रों के सर्वर हैक कर धांधली कराने की बात भी जांच में सामने आई है। पूछताछ के दौरान ऑनलाइन परीक्षा में सेंध लगाने के चार प्रमुख तरीकों—प्रॉक्सी सर्वर, मॉडिफाइड स्क्रीन, स्क्रीन से जुड़ी तकनीक और सॉफ्टवेयर के जरिए अभ्यर्थी की कंप्यूटर स्क्रीन को लिंक के माध्यम से सॉल्वर से जोड़कर पेपर हल कराने—की जानकारी मिली है। गिरफ्तारी और बरामद उपकरणों के बाद अब जांच इस तकनीकी नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर केंद्रित है।
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