India Secures Safe Passage for LPG Carriers Amid Tensions in Strait of Hormuz
गैस और तेल पर बढ़ती निर्भरता को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस का मोदी सरकार पर तीखा हमला
देश में LPG, पेट्रोल और डीजल को लेकर फैली घबराहट के बीच सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। शुक्रवार को कांग्रेस ने कच्चे तेल, LPG और PNG के आयात पर भारत की बढ़ती निर्भरता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार हालात संभालने में नाकाम रही है और ज़मीनी स्तर पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस का हमला-“गैस का वादा, बस वादा ही रहा”
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया गया “भव्य गैस वादा” अब सिर्फ बयानबाज़ी बनकर रह गया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2014-15 से 2024-25 के बीच भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता 84% से बढ़कर 90% हो गई है, जबकि LPG आयात 46% से बढ़कर 62% तक पहुंच गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” का नारा दिया गया, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र में निर्भरता और बढ़ गई।
पुराने दावों पर भी उठाए सवाल
जयराम रमेश ने 2005 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए उस दावे का भी जिक्र किया, जिसमें कृष्णा-गोदावरी बेसिन में बड़े गैस भंडार की खोज की बात कही गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि बाद में यह दावा गलत साबित हुआ और इससे जुड़ा बड़ा वित्तीय घोटाला भी सामने आया।
घबराहट का माहौल, लंबी कतारें
देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों और LPG एजेंसियों पर लंबी कतारों और पैनिक बाइंग की खबरें सामने आई हैं। लोगों में आपूर्ति को लेकर आशंका बनी हुई है, जिससे स्थिति और बिगड़ती दिख रही है। हालांकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन आशंकाओं को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है।
सरकार के मुताबिक
देश के पास करीब 60 दिनों का कच्चे तेल का स्टॉक मौजूद है,
LPG की एक महीने की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित है,
सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है,
सरकार ने कमी की खबरों को “भ्रामक और जानबूझकर फैलाया गया अभियान” बताया है, जिसका उद्देश्य पैनिक बाइंग को बढ़ावा देना है।
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