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Thursday, 20 August 2026

बिहार कैबिनेट बैठक : सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए खुशखबरी, सरकार देगी 1 लाख रुपये, करना होगा ये काम

पटना: बिहार सरकार ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए डिजिटल क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स के लिए नई राह खोल दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है. अब सरकार की योजनाओं, नीतियों और जनहित से जुड़े अभियानों को सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाने वाले एम्पैनल्ड क्रिएटर्स को उनके कंटेंट की पहुंच के आधार पर भुगतान किया जा सकेगा. यह फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म को सरकारी प्रचार व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.


1 लाख व्यूज पर मिलेंगे इतने रुपये


संशोधित नियमावली के तहत सरकार की ओर से सूचीबद्ध सोशल मीडिया क्रिएटर्स को सरकारी योजनाओं से संबंधित कंटेंट के व्यूज के आधार पर भुगतान किया जाएगा. तय व्यवस्था के अनुसार एक लाख व्यूज पर अधिकतम 10 हजार रुपये तक की राशि मिल सकती है. इसी अनुपात में किसी कंटेंट को 10 लाख व्यूज मिलने पर अधिकतम एक लाख रुपये तक भुगतान संभव होगा. हालांकि, यह अधिकतम सीमा है और वास्तविक भुगतान सरकार द्वारा निर्धारित नियमों, मानकों और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर तय किया जाएगा.


सिर्फ वायरल होने से नहीं मिलेगा भुगतान


सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी वीडियो या पोस्ट के वायरल हो जाने मात्र से क्रिएटर भुगतान का हकदार नहीं बन जाएगा. भुगतान के लिए कंटेंट को निर्धारित पात्रता मानकों पर खरा उतरना होगा. इसके साथ ही व्यूज की आधिकारिक पुष्टि, कंटेंट की गुणवत्ता और संबंधित प्लेटफॉर्म के नियमों का पालन भी जरूरी होगा. यानी केवल ज्यादा व्यूज हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सरकार द्वारा स्वीकृत और निर्धारित प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया कंटेंट ही भुगतान के दायरे में आएगा.


क्रिएटर्स के लिए एम्पैनलमेंट जरूरी


इस व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए सोशल मीडिया क्रिएटर्स और पंजीकृत कंपनियों को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से एम्पैनल होना अनिवार्य होगा. सरकार द्वारा तय प्रक्रिया के तहत पंजीकरण और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही क्रिएटर्स इस व्यवस्था का हिस्सा बन सकेंगे. बिना विभागीय अनुमति या सूचीबद्धता के सामान्य तौर पर बनाए गए सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो पर इस भुगतान योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इससे सरकार एक व्यवस्थित और सत्यापित डिजिटल नेटवर्क तैयार करना चाहती है.


युवाओं तक तेजी से पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी


बिहार सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया अब सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है. खासकर युवाओं के बीच इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की पहुंच को देखते हुए सरकार इस माध्यम का इस्तेमाल अधिक रणनीतिक तरीके से करना चाहती है. 

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