Rani Mukerji to Receive Prestigious Honorary Doctorate at IFFM 2026
भारत-बेल्जियम साझेदारी को मिली मजबूती, पहली बार हुआ रणनीतिक संवाद
ब्रुसेल्स। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में आयोजित ऐतिहासिक पहली भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता की विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सह-अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में बेल्जियम के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रिवोट ने बेल्जियम पक्ष का नेतृत्व किया। दोनों देशों के बीच पहली बार शुरू हुई इस रणनीतिक बातचीत का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को एक नया और मजबूत राजनीतिक ढांचा प्रदान करना है।
वार्ता के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत और बेल्जियम के बीच गहरे जुड़ाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक संघर्षों और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में दोनों देशों को अपनी साझीदारी को और अधिक विविधतापूर्ण बनाने की जरूरत है। उन्होंने रेखांकित किया कि बेल्जियम के साथ भारत का सहयोग काफी हद तक यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ किए जा रहे कार्यों से मेल खाता है। इस दौरान डॉ. जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ बेल्जियम के कड़े और स्पष्ट रुख की सराहना भी की।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा हाल के वर्षों में हमारी साझेदारी काफी मजबूत हुई है। आज की बातचीत में बेल्जियम और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों को और आगे ले जाने की इच्छा दिखाई दी। हमने राजनीतिक, आर्थिक, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और फार्मास्युटिकल जैसे क्षेत्रों में अपने सहयोग की समीक्षा की। साथ ही, बंदरगाहों, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को जोखिम-मुक्त बनाने के लिए व्यापक सहयोग के अवसरों पर भी ध्यान दिया। पश्चिम एशिया सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ।
दूसरी ओर बेल्जियम के विदेश मंत्री प्रिवोट ने कहा कि नियमित अंतरालों पर होने वाली यह बैठक दोनों देशों के व्यापार, शोधकर्ताओं और व्यवसायों के बीच जारी सहयोग को नई गति देगी। यह द्विपक्षीय वार्ता भारत-ईयू व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक के इतर आयोजित की गई, जिसमें भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी ब्रुसेल्स पहुंचे हैं।
जयशंकर ने ब्रुसेल्स पहुंचते ही अपनी यात्रा की शुरुआत यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख और हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कलास से मुलाकात के साथ की थी। इस दौरान डॉ. जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से मिलकर भारत-ईयू व्यापार और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की। इसके साथ ही, विदेश मंत्री ने इंटरनेशनल पार्टनरशिप के लिए यूरोपियन कमिश्नर जोजेफ सिकेला से मुलाकात कर वैश्विक कनेक्टिविटी, ग्रीन शिपिंग और महत्वाकांक्षी भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) पर चर्चा की।
अपनी यात्रा के अंतिम चरण में उन्होंने स्टार्टअप्स, रिसर्च और इनोवेशन के लिए ईयू कमिश्नर एकातेरिना ज़हारिएवा के साथ भी एक विशेष बैठक की, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, इनोवेशन हब्स, स्टार्टअप्स और 'होराईजन यूरोप' कार्यक्रम से जुड़े सहयोग के नए अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)
Add Comment