किसी को कपड़ों से जज करना सही नहीं: शिल्पा शिंदे

एक्ट्रेस  शिल्पा शिंदे ने कहा, "मेरा मानना है कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह जरूरी नहीं है कि कोई महिला क्या पहन रही है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।" इसी बातचीत में शिल्पा शिंदे ने खुद को 'थोड़ा पारंपरिक सोच वाली' बताया। उन्होंने कहा, ''यह मेरी निजी सोच है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग धूम्रपान या लाइफस्टाइल को मॉर्डिनिटी से जोड़ देते हैं, लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।''

शिल्पा शिंदे ने आगे कहा, ''मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। सिर्फ धूम्रपान करना, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस वह है, जब कोई व्यक्ति अपने विचारों पर मजबूत हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग गलत तरीके से जोड़ देते हैं।''

शिल्पा शिंदे ने कहा, ''कपड़े और सोच का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं होता। किसी व्यक्ति की मानसिकता उसके पहनावे से तय नहीं होती। कोई व्यक्ति साड़ी पहनकर भी मॉडर्न सोच रख सकता है और कोई मॉडर्न कपड़े पहनकर भी पुराने विचारों वाला हो सकता है। इसलिए किसी को उसके कपड़ों से जज करना सही नहीं है।''

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