Priyanka Chopra Says Her Hollywood Journey Still Has More to offer
रामायण सर्किट में चमकेगा चित्रकूट, तेजी से आकार ले रही श्री राम वाटिका
लखनऊ/चित्रकूट: 25 जून, 2026
रामायण सर्किट में चित्रकूट को नई पहचान देने के लिए बन रहे श्री राम वाटिका ईको पार्क का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। 11.38 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। गणेशबाग क्षेत्र के बगरेही गांव के पास विकसित हो रहा यह ईको पार्क पर्यटकों को प्रकृति, संस्कृति और भगवान राम से जुड़ी विरासत का अनूठा अनुभव देगा। इसके बनने से चित्रकूट का आकर्षण और बढ़ेगा तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक नया पर्यटन स्थल मिलेगा। यह जनकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी
उन्होंने कहा कि, श्री राम वाटिका ईको पार्क परियोजना के अंतर्गत पर्यटकों को आकर्षक और यादगार ईको-टूरिज्म अनुभव प्रदान करने के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पार्क की बाउंड्री वॉल का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि रबर फ्लोरिंग वाले पाथवे, पर्यटक सुविधा केंद्र, चेयर एवं बेंच, कलात्मक इंस्टॉलेशन तथा बच्चों के खेल उपकरणों सहित कई प्रमुख कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। इसके साथ ही भगवान राम की वन गमन यात्रा को दर्शाने वाले लाल बलुआ पत्थर के म्यूरल्स भी विकसित किए जा रहे हैं, जो उनके वनवास काल की यात्रा को दृश्य रूप में प्रस्तुत करेंगे।
*एम्फीथिएटर में जीवंत होगी रामायण की गाथा*
परियोजना में कैफेटेरिया और सामूहिक बैठक के लिए गजेबो स्पेस भी विकसित किया जा रहा है, जिनका लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, 200 से 250 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एक ओपन-एयर एम्फीथिएटर भी बनाया जा रहा है, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भगवान राम के वनवास काल पर आधारित प्रोजेक्शन मैपिंग शो का आयोजन किया जा सकेगा। पार्क की प्राकृतिक सुंदरता और मनोरंजक आकर्षण को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर उद्यान विकास का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों को प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
*पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह* ने कहा कि, “श्री राम वाटिका ईको पार्क केवल एक पर्यटन परियोजना नहीं, बल्कि चित्रकूट की आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक गौरव को एक मंच पर लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति की शांत वादियों के बीच भगवान राम से जुड़ी स्मृतियों और चित्रकूट की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव कर सकेंगे। यह परियोजना क्षेत्र में ईको और आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ चित्रकूट को रामायण पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।“
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