Breaking News :

Viral Video After Surya Chauhan Murder Leads to Swift Police Crackdown

ममता बनर्जी का टीएमसी को टूटने से बचाने के लिए संगठन में करेंगी फेरबदल

उत्तराखंड न्यूज़ : चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र हो ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद‘: सीएम धामी

विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026 : अभिजीत के साथ विजय मुहूर्त का शुभ संयोग

SBI चेयरमैन का बड़ा बयान, कहा- 'फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव न होना अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर'

सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का किया ट्रांसफर

दिल्ली मालवीय नगर आग त्रासदी: एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, अब तक 21 की मौत

IIM Indore to Decode the Success Story of Teen Cricket Sensation Vaibhav Suryavanshi

Fazilnagar Set for Historic Identity Shift as CM Yogi Announces New Name

India Draws a Firm Line on Nepal Border Dispute

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Parquet Courts on Resisting Nihilism & Why Tourism in Dubai is booming the world.

Wednesday, 03 June 2026

विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2026 : अभिजीत के साथ विजय मुहूर्त का शुभ संयोग

विघ्न विनाशन भगवान श्रीगणेश की आराधना को समर्पित विभुवन संकष्टी चतुर्थी पर्व 4 जून 2026 (गुरुवार) को पड़ रहा है। यह चतुर्थी विशेष रूप से दुर्लभ मानी जाती है क्योंकि यह पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के कृष्ण पक्ष में आती है। इस चतुर्थी पर भगवान गणेश के विभुवन रूप की विशेष पूजा की जाती है। विभुवन गणेश का अर्थ है तीनों लोकों स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल में विद्यमान रहने वाले गणेश। इस वर्ष विभुवन संकष्टी चतुर्थी पर शुभ मुहूर्तों का खास संयोग बन रहा है। अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त एक साथ पड़ रहे हैं, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। चतुर्थी तिथि 3 जून की रात 9 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर 4 जून रात की रात 11 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि (सूर्य उदय के समय जो तिथि हो) के अनुसार 4 जून को ही पूरे दिन चतुर्थी का मान होगा। गुरुवार को सूर्योदय 5 बजकर 23 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 16 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 10 बजकर 43 मिनट पर और चंद्रास्त अगले दिन (5 जून) सुबह 8 बजकर 17 मिनट पर होगा। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा रहेगा, जो 5 जून की सुबह 3 बजकर 41 मिनट तक चलेगा। शुक्ल योग सुबह 9 बजकर 3 मिनट तक इसके बाद ब्रम्हा योग रहेगा। वहीं, करण बव रहेगा।

चतुर्थी तिथि पर शुभ मुहूर्त व योग की बात करें तो अभिजीत और विजय मुहूर्त के शुभ संयोग के साथ ही और भी कई शुभ समय हैं।ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 35 मिनट तक और अमृत काल रात 8 बजकर 34 मिनट से 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 2 बजकर 4 मिनट से 3 बजकर 48 मिनट तक, यमगंड सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 8 बजकर 51 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट और दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 1 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।

Read Previous

Samsung goes big in India factory ever created

Read Next

Samsung goes big in India factory ever created

Add Comment

Sign up for the Newsletter

Join our newsletter and get updates in your inbox. We won’t spam you and we respect your privacy.