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14 वर्षीय किशोरी ने बच्चे को दिया जन्म; नवजात के पिता के खिलाफ मामला दर्ज: पुलिस
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का है, जहाँ मात्र 14 वर्ष की एक नाबालिग लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया है। इस घटना ने एक बार फिर देवभूमि में जड़ जमाए बाल विवाह की कुप्रथा और कानून के उल्लंघन की गंभीर तस्वीर पेश की है।
मामले का मुख्य विवरण
स्थानीय मीडिया और पुलिस सूत्रों के अनुसार, नाबालिग लड़की को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था, जहाँ उसने बच्चे को जन्म दिया। जब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को लड़की की वास्तविक उम्र का पता चला, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि यह बाल विवाह का मामला है।
पुलिस और कानूनी कार्रवाई
पिथौरागढ़ पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी (नाबालिग के पति) के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच का दायरा: पुलिस न केवल पति, बल्कि इस विवाह को संपन्न कराने वाले परिजनों और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
प्रशासनिक रुख
बाल कल्याण समिति (CWC) और स्थानीय प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। अधिकारियों का कहना है कि 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह और शारीरिक संबंध दोनों ही कानूनी अपराध हैं। पीड़िता और नवजात की सुरक्षा के लिए चिकित्सा टीम को निर्देश दिए गए हैं।
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