गंगा एक्सप्रेसवे जल्द होगा शुरू: मेरठ से प्रयागराज तक सफर होगा तेज, कई जिलों को मिलेगा बड़ा फायदा

मेरठ। 5 मार्च 2026


उत्तर प्रदेश में बनने वाला "Ganga Expressway" अब जल्द ही आम लोगों के लिए खुलने की तैयारी में है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया गया है और इसके शुरू होने के बाद यहां वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। मेरठ से बदायूं तक इसका अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल अंतिम काम तेजी से किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह लंबा सफर करीब छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा।


इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सर्विस रोड और संपर्क मार्ग भी बनाए गए हैं। कई जगह अंडरपास बनाए गए हैं ताकि किसानों और ग्रामीणों को खेतों तथा आसपास के इलाकों में आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए लगभग 295 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल और क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही सुरक्षित रहे।


गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से गढ़मुक्तेश्वर में गंगा स्नान के लिए जाना, या फिर अमरोहा, संभल, बुलंदशहर और बदायूं जैसे शहरों तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे से कई राष्ट्रीय और राज्य मार्गों से सीधा संपर्क मिलेगा, जिससे यात्रियों को अलग-अलग शहरों तक पहुंचने के लिए नए और तेज रास्ते मिलेंगे।


इस परियोजना से मेरठ समेत आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक इकाइयां लगने की संभावना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मेरठ के लगभग 20 गांवों सहित 100 से अधिक गांवों को सर्विस रोड और नए मार्गों का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी और विकास दोनों में तेजी आएगी।

 गंगा एक्सप्रेसवे जल्द होगा शुरू: मेरठ से प्रयागराज तक सफर होगा तेज, कई जिलों को मिलेगा बड़ा फायदा


उत्तर प्रदेश में बनने वाला "Ganga Expressway" अब जल्द ही आम लोगों के लिए खुलने की तैयारी में है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया गया है और इसके शुरू होने के बाद यहां वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। मेरठ से बदायूं तक इसका अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल अंतिम काम तेजी से किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह लंबा सफर करीब छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा।


इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए सर्विस रोड और संपर्क मार्ग भी बनाए गए हैं। कई जगह अंडरपास बनाए गए हैं ताकि किसानों और ग्रामीणों को खेतों तथा आसपास के इलाकों में आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए लगभग 295 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल और क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही सुरक्षित रहे।


गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से गढ़मुक्तेश्वर में गंगा स्नान के लिए जाना, या फिर अमरोहा, संभल, बुलंदशहर और बदायूं जैसे शहरों तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे से कई राष्ट्रीय और राज्य मार्गों से सीधा संपर्क मिलेगा, जिससे यात्रियों को अलग-अलग शहरों तक पहुंचने के लिए नए और तेज रास्ते मिलेंगे।


इस परियोजना से मेरठ समेत आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक इकाइयां लगने की संभावना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मेरठ के लगभग 20 गांवों सहित 100 से अधिक गांवों को सर्विस रोड और नए मार्गों का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी और विकास दोनों में तेजी आएगी।


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