आगरा कैंट स्टेशन विवाद: RPF के 5 कर्मी निलंबित, जांच के लिए समिति गठित

लखनऊ, 12 जुलाई 2026

 

उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे के दो विभागों के बीच हुआ विवाद अब प्रशासनिक जांच का विषय बन गया है। ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान शुरू हुए घटनाक्रम में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी SS) के साथ कथित मारपीट के आरोप सामने आए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के पांच अधिकारी और जवानों को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के आगरा कैंट स्टेशन पर ठहराव के दौरान एक यात्री के घायल होने की सूचना मिलने पर डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट ने कुछ समय के लिए ट्रेन रोकने का निर्णय लिया। इसी बात को लेकर उनकी और RPF कर्मियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते गंभीर विवाद में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों विभागों के कर्मचारी आमने-सामने आ गए। सामने आए एक वीडियो में डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट को RPF जवानों द्वारा दोनों हाथ पकड़कर जमीन पर घसीटते हुए ले जाते हुए देखा गया। आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें जमीन पर गिराकर मारपीट भी की गई। वहीं मौके पर मौजूद अन्य रेलवे अधिकारी बीच-बचाव करते रहे और कथित तौर पर कहते रहे, **"ऐसा करना गलत है"** और **"यह अन्याय है."** दूसरी ओर, RPF कांस्टेबल जितेंद्र ने भी डिप्टी SS पर मारपीट का आरोप लगाया है। यानी दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हाथापाई के आरोप लगा रहे हैं।


घटना के बाद स्टेशन परिसर में तनाव का माहौल बन गया और यात्रियों के बीच भी इस मामले की चर्चा होती रही। पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि रिकॉर्डिंग से विवाद की शुरुआत, घटनाक्रम और दोनों पक्षों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने 12 जुलाई 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया, जिसमें ASC आगरा कैंट, स्टेशन डायरेक्टर आगरा कैंट और AOM आगरा को शामिल किया गया है। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर RPF इंचार्ज सुरेंद्र चौधरी (IPF), ASI मेघराज मीणा, ASI बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और कांस्टेबल बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अब जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले में आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।


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