लखनऊ हत्याकांड: जेल में पहली ही रात टूट गया अक्षत सिंह, बिगड़ी मानसिक हालत से पुलिस सतर्क

लखनऊ |  27 फरवरी 2026


लखनऊ के आशियाना इलाके में पिता की निर्मम हत्या के आरोपी अक्षत सिंह  की जेल में पहली रात डर, पछतावे और मानसिक बेचैनी के बीच बीती। पुलिस के अनुसार, जेल पहुंचते ही उसकी हालत असामान्य दिखने लगी। वह पूरी रात सो नहीं सका, बार-बार बड़बड़ाता रहा और रोता नजर आया। हालत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में उसका इलाज और काउंसिलिंग चल रही है।


पुलिस जांच में सामने आया है कि अक्षत ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए आरी से शरीर के टुकड़े किए। कुछ हिस्सों को नीले ड्रम में छिपाया गया, जबकि बाकी टुकड़ों को कार से सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। यह सनसनीखेज वारदात ज्यादा समय तक छुप नहीं सकी। 20 फरवरी से लापता मानवेंद्र सिंह की तलाश के दौरान जब पुलिस ने बेटे अक्षत से पूछताछ की, तो वह लगातार बयान बदलता रहा। सख्ती बढ़ने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को शव के टुकड़ों तक ले गया।


जेल प्रशासन के मुताबिक, अक्षत की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं है। वह दीवार के सहारे बैठा रहा, खाना भी ठीक से नहीं खाया और रात में भोजन से इनकार कर दिया। इसी वजह से उसे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। काउंसिलिंग के दौरान वह बार-बार यही कहता रहा कि “पापा ने मुझे पहले पीटा था इसलिए मैंने गोली मार दी.” उसकी हर हरकत पर जेल और पुलिस दोनों की नजर बनी हुई है।


पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद अक्षत पहले थाने में जाकर सरेंडर करना चाहता था। लेकिन एक करीबी के फोन कॉल के बाद उसका इरादा बदल गया और उसने गुमशुदगी की कहानी रचने के साथ शव ठिकाने लगाने की साजिश बनाई। अब पुलिस उस करीबी की भूमिका की जांच कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और परिवार व आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि यह साफ हो सके कि इस अपराध में किसी और की भी संलिप्तता थी या नहीं।

लखनऊ हत्याकांड: जेल में पहली ही रात टूट गया अक्षत सिंह, बिगड़ी मानसिक हालत से पुलिस सतर्क


लखनऊ के आशियाना इलाके में पिता की निर्मम हत्या के आरोपी अक्षत सिंह  की जेल में पहली रात डर, पछतावे और मानसिक बेचैनी के बीच बीती। पुलिस के अनुसार, जेल पहुंचते ही उसकी हालत असामान्य दिखने लगी। वह पूरी रात सो नहीं सका, बार-बार बड़बड़ाता रहा और रोता नजर आया। हालत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में उसका इलाज और काउंसिलिंग चल रही है।


पुलिस जांच में सामने आया है कि अक्षत ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की थी। इसके बाद उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए आरी से शरीर के टुकड़े किए। कुछ हिस्सों को नीले ड्रम में छिपाया गया, जबकि बाकी टुकड़ों को कार से सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। यह सनसनीखेज वारदात ज्यादा समय तक छुप नहीं सकी। 20 फरवरी से लापता मानवेंद्र सिंह की तलाश के दौरान जब पुलिस ने बेटे अक्षत से पूछताछ की, तो वह लगातार बयान बदलता रहा। सख्ती बढ़ने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को शव के टुकड़ों तक ले गया।


जेल प्रशासन के मुताबिक, अक्षत की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं है। वह दीवार के सहारे बैठा रहा, खाना भी ठीक से नहीं खाया और रात में भोजन से इनकार कर दिया। इसी वजह से उसे अस्पताल में शिफ्ट किया गया। काउंसिलिंग के दौरान वह बार-बार यही कहता रहा कि “पापा ने मुझे पहले पीटा था इसलिए मैंने गोली मार दी.” उसकी हर हरकत पर जेल और पुलिस दोनों की नजर बनी हुई है।


पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद अक्षत पहले थाने में जाकर सरेंडर करना चाहता था। लेकिन एक करीबी के फोन कॉल के बाद उसका इरादा बदल गया और उसने गुमशुदगी की कहानी रचने के साथ शव ठिकाने लगाने की साजिश बनाई। अब पुलिस उस करीबी की भूमिका की जांच कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और परिवार व आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि यह साफ हो सके कि इस अपराध में किसी और की भी संलिप्तता थी या नहीं।


Read Previous

Samsung goes big in India factory ever created

Read Next

Samsung goes big in India factory ever created

Add Comment

Sign up for the Newsletter

Join our newsletter and get updates in your inbox. We won’t spam you and we respect your privacy.