India Dominate Zimbabwe With Record-Breaking Win to Keep Semifinal Hopes Alive
यूपी–यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन समझौता, छात्रों को मिलेगा जापान में प्रशिक्षण
लखनऊ | 26 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ। यह समझौता यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान किया गया। इसके तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, ताकि आधुनिक तकनीक को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक का उपयोग प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में किया जाएगा। यह पहल देश के पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई तकनीकों को अपनाकर उत्तर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और आम जनता तक इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की नई विकास नीति और निवेश की व्यापक संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के सामने रखा। उन्होंने बताया कि प्रदेश ने शासन व्यवस्था को “रिएक्टिव से प्रोएक्टिव” मॉडल में बदला है, जिससे निवेश, उद्योग और तकनीकी विकास को तेज गति मिली है। बीते वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो इस बदलाव का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहां उपजाऊ भूमि, प्रचुर जल संसाधन, विशाल मानव शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मौजूद है। जापान के साथ बढ़ता यह सहयोग भारत–जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा। यामानाशी प्रांत के साथ निरंतर संवाद और साझेदारी से तकनीक, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे, जिससे प्रदेश के विकास को और मजबूती यूपी–यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन समझौता, छात्रों को मिलेगा जापान में प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ। यह समझौता यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान किया गया। इसके तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, ताकि आधुनिक तकनीक को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक का उपयोग प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में किया जाएगा। यह पहल देश के पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई तकनीकों को अपनाकर उत्तर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और आम जनता तक इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की नई विकास नीति और निवेश की व्यापक संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के सामने रखा। उन्होंने बताया कि प्रदेश ने शासन व्यवस्था को “रिएक्टिव से प्रोएक्टिव” मॉडल में बदला है, जिससे निवेश, उद्योग और तकनीकी विकास को तेज गति मिली है। बीते वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो इस बदलाव का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहां उपजाऊ भूमि, प्रचुर जल संसाधन, विशाल मानव शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मौजूद है। जापान के साथ बढ़ता यह सहयोग भारत–जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा। यामानाशी प्रांत के साथ निरंतर संवाद और साझेदारी से तकनीक, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे, जिससे प्रदेश के विकास को और मजबूती मिलेगी।
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