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Friday, 03 April 2026

उपनल कर्मचारी भविष्य में स्थायी नौकरी का दावा नहीं कर सकेंगे:उत्तराखंड सरकार

उत्तराखंड सरकार ने अपने अस्थायी पद्धति (UPNL) कर्मचारियों को स्थायी नौकरी का दावा करने से रोकते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इससे राज्यभर के लगभग 22,000 से अधिक उपनल (UPNL) अनुबंध कर्मचारियों के भविष्य पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब इन कर्मचारियों का अनुबंध अस्थायी (temporary) रहेगा और भविष्य में वे किसी भी समय नियमित स्थायी (permanent) रोजगार का दावा नहीं कर सकेंगे।


कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के संयुक्त सचिव राजेन्द्र सिंह पतियाल ने बताया कि अदालत के निर्देश के तहत जारी किए गए शासनादेश के अनुसार, 10 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के साथ अनुबंध किया जाएगा, लेकिन यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी। कर्मचारियों को महीने का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगा तथा महंगाई भत्ता (DA) तथा अन्य सुविधाएं दिए जाएंगे, लेकिन नियमितीकरण की बात अब संभव नहीं रहेगी।


इस निर्णय के बाद उपनल कर्मचारियों ने इसे “धोखा” करार दिया है। उनका कहना है कि अब सेवा की लंबी अवधि के बावजूद उनका नियमित करियर सुनिश्चित नहीं होगा और हर साल अनुबंध समाप्त होने की शर्त का फ़ायदा उठाकर उन्हें बाहर किया जा सकता है। उपनल कर्मचारी महासंघ ने कहा है कि यह निर्णय उनके लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है और शासनादेश कर्मचारियों के वास्तविक हित का प्रतिनिधित्व नहीं करता।


सरकार का कहना है कि यह कदम अनुबंध प्रबंधन को बेहतर ढंग से लागू करने और विभागीय कार्यों की आवश्यकताओं के अनुरूप लचीला रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

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