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टी20 विश्व कप 2026 में खामोश पड़ा अभिषेक शर्मा का बल्ला, फॉर्म या उम्मीदों का दबाव?
अहमदाबाद | 19 फरवरी 2026
टी20 विश्व कप 2026 में दुनिया के नंबर-एक टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है। अमेरिका और पाकिस्तान के खिलाफ असफल रहने के बाद नीदरलैंड्स के खिलाफ भी वह खाता नहीं खोल सके। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वह तीन गेंदों में शून्य पर आउट हो गए। यह इस टूर्नामेंट में उनका लगातार तीसरा शून्य रहा, जिसने उनकी फॉर्म और मानसिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नीदरलैंड्स के ऑफ-स्पिनर आर्यन दत्त की एक तेज स्लाइडर पर अभिषेक चूक गए। गेंद की लंबाई को सही से न पढ़ पाने के कारण वह बैकफुट पर चले गए और गेंद सीधे स्टंप्स से जा टकराई। आउट होने के बाद उनके हाव-भाव साफ बता रहे थे कि वह खुद से नाराज़ हैं। पिछले डेढ़ साल में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले इस खिलाड़ी का इस तरह जूझना क्रिकेट फैंस के लिए हैरानी की बात है।
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि युवा बल्लेबाज पर उम्मीदों का दबाव साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन पर उम्मीदों का बोझ भारी पड़ रहा है। सर्वश्रेष्ठ सिक्स-हिटर और नंबर-एक बल्लेबाज होने की अपेक्षाएं उन पर हावी हो रही हैं।” गावस्कर ने यह भी सलाह दी कि अभिषेक को शुरुआत में खुद को समय देना चाहिए और हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की जल्दबाजी से बचना होगा।
वहीं आकाश चोपड़ा ने उनकी तकनीक पर बात करते हुए कहा कि अभिषेक शुरुआती ओवरों में क्रॉस-बैट शॉट्स पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं, जबकि उनकी असली ताकत सीधे बल्ले से खेलने में है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुपर-8 से पहले मिला ब्रेक उनके लिए अहम साबित हो सकता है। आराम, मानसिक संतुलन और एक अच्छी पारी उनका आत्मविश्वास लौटा सकती है। प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है, अब जरूरत है संयम और सही फैसलों की।
टी20 विश्व कप 2026 में खामोश पड़ा अभिषेक शर्मा का बल्ला, फॉर्म या उम्मीदों का दबाव?
टी20 विश्व कप 2026 में दुनिया के नंबर-एक टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है। अमेरिका और पाकिस्तान के खिलाफ असफल रहने के बाद नीदरलैंड्स के खिलाफ भी वह खाता नहीं खोल सके। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वह तीन गेंदों में शून्य पर आउट हो गए। यह इस टूर्नामेंट में उनका लगातार तीसरा शून्य रहा, जिसने उनकी फॉर्म और मानसिक स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नीदरलैंड्स के ऑफ-स्पिनर आर्यन दत्त की एक तेज स्लाइडर पर अभिषेक चूक गए। गेंद की लंबाई को सही से न पढ़ पाने के कारण वह बैकफुट पर चले गए और गेंद सीधे स्टंप्स से जा टकराई। आउट होने के बाद उनके हाव-भाव साफ बता रहे थे कि वह खुद से नाराज़ हैं। पिछले डेढ़ साल में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले इस खिलाड़ी का इस तरह जूझना क्रिकेट फैंस के लिए हैरानी की बात है।
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि युवा बल्लेबाज पर उम्मीदों का दबाव साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन पर उम्मीदों का बोझ भारी पड़ रहा है। सर्वश्रेष्ठ सिक्स-हिटर और नंबर-एक बल्लेबाज होने की अपेक्षाएं उन पर हावी हो रही हैं।” गावस्कर ने यह भी सलाह दी कि अभिषेक को शुरुआत में खुद को समय देना चाहिए और हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की जल्दबाजी से बचना होगा।
वहीं आकाश चोपड़ा ने उनकी तकनीक पर बात करते हुए कहा कि अभिषेक शुरुआती ओवरों में क्रॉस-बैट शॉट्स पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं, जबकि उनकी असली ताकत सीधे बल्ले से खेलने में है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुपर-8 से पहले मिला ब्रेक उनके लिए अहम साबित हो सकता है। आराम, मानसिक संतुलन और एक अच्छी पारी उनका आत्मविश्वास लौटा सकती है। प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है, अब जरूरत है संयम और सही फैसलों की।
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